दिल्ली चुनाव:फासीवाद रोकने और राज्य के अत्याचार को वोट से जवाब देने का मौका है
दिल्ली चुनाव :फासीवाद रोकने और राज्य के अत्याचार को वोट से जवाब देने का मौका है गुलाम अंसारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय युवा शक्ति परिषद चम्पारण टाइम्स February 4, 2025 by विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां अब थम चुकी हैं और 5 फरवरी, बुधवार को मतदान होना है। राजनीतिक दल अपने पक्ष में वोटों को बदलने के लिए जी-जान से जुटे हैं, जबकि आम लोग अपने परिवार और परिचितों से सलाह-मशविरा कर अंतिम फैसला कर रहे हैं। इस मौके पर दिल्ली के मुसलमानों को यह समझना होगा कि “वोट सिर्फ किसी को जिताने या हराने के लिए नहीं दिया जाता, बल्कि इसका इस्तेमाल रणनीतिक रूप से करके विभिन्न चुनौतियों का सामना किया जाता है और एक मजबूत राजनीतिक संदेश दिया जाता है। * हमारे सामने तीन बड़ी चुनौतियाँ *1 बीजेपी-आरएसएस के एजेंडे को रोकना सबसे बड़ी चुनौती भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के फासीवादी एजेंडे को और तेज़ होने से रोकना है। अगर जज़्बात से ऊपर उठकर देखा जाए, तो संघ परिवार का असली मकसद हर उस भारतीय मुस्लिम के लिए खतरा है जो तौहीद और रिसालत पर पूरा यकीन रखता है। य...